30 साल की दोस्ती तोड़ दी, केंद्र का साथ छोड़ दिया फिर भी क्या मिला...राष्ट्रपति शासन ?

महाराष्ट्र में सत्ता का संघर्ष अब राष्ट्रपति शासन की तरफ पहुंचता दिखाई दे रहा है. किसी भी दल को बहुमत न मिलने के चलते 24 अक्टूबर के बाद से अब तक राज्य में सरकार गठन नहीं हो पाया है. बीजेपी और शिवसेना दोनों को राज्यपाल सरकार बनाने के लिए बुला चुके हैं और उनके चांस खत्म हो गए हैं. आज एनसीपी की बारी है. इससे पहले ही मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रपति शासन पर फैसला ले लिया है और राष्ट्रपति को सिफारिश भेज दी है. इस बीच शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

Tags: